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खबरमध्यप्रदेश

इंदौर :-इंदौर में केमिकल मिला पानी पीने से पूरा गांव बीमार, गंभीर बीमारी की चपेट में आये ग्रामीण

Written by :- vipin vishwakarma

मध्यप्रदेश में इंदौर के पास बेटमा के गांव उत्तरसी में बीमारी फैल गई है। अब तक बीते दो-तीन दिनों में 35 से ज्यादा लोग बीमार मिल चुके हैं। ये संख्या और अधिक हो सकती है। इन लोगों में सर्दी, बुखार, उल्टी, शरीर में दर्द के लक्षण हैं। इनमें से 10 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में एडमिट किया गया है जिनमें से दो इंदौर के वही एक प्राइवेट अस्पताल में एडमिट हैं। अचानक एक साथ इतने लोगों के बीमार होने के साथ स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने वहां टीमें भेजकर 40 से ज्यादा लोगों के सैंपल लिए हैं जिनमें से कुछ में डेंगू के लक्षण मिले हैं। मामले में गांव वालों का कहना है कि क्षेत्र की चंबल नदी में किसी फैक्टरी का केमिकल उसमें मिल गया है जिससे लोग बीमार हो रहे हैं।

करीब ढाई सौ लोगों के आबादी वाले उत्तरसी गांव के लोगों में घबराहट है। उनका कहना है चम्बल नदी में लेबड (धार के पास) की एक निजी कम्पनी द्वारा केमिकल वाला पानी छोड़ा जा रहा है जिससे लोग डेंगू व मलेरिया के शिकार हो रहे हैं। शनिवार को बेटमा स्वास्थ्य विभाग से सीएचओ दीपिका प्रचंड, एएनएम सीमा जाट, आशा कार्यकर्ता भावना पोरवाल की टीम गांव में पहुंची। वहां लोगों ने बताया कि उन्हें ठण्ड के साथ बुखार, उल्टी, लूज मोशन, शरीर दर्द के लक्षण हैं।

अस्पताल में एडमिट मरीजों के प्लेटलेट्स में कमी

समन्दरसिंह पटेल व दीपक पटेल को इंदौर एक प्राइवेट अस्पताल में एडमिट किया है जबकि सत्यनारायण पोरवाल व भावना को बेटमा के अस्पताल तथा कलाबाई पोरवाल व रोहित पोरवाल को गौतमपुरा के अस्पताल में एडमिट किया गया है। इनमें से कुछ मरीजों की प्लेटलेट्स काफी कम (डेंगू) हो गई है तथा इलाज चल रहा है। गांव के कमल पटेल व अनिल नागर ने बताया कि नदी में मिले केमिकल से पानी दूषित हुआ है। संभवत: इसी कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं।

रिपोर्ट अभी नहीं मिली

उधर, जिले में पिछले तीन दिनों से विभिन्न क्षेत्रों से डेंगू के कुल 14 मरीज मिले हैं जिनमें से एक्टिव केस 5 हैं। वैसे इस साल डेंगू के कुल 194 केस मिले जिनमें से 31 बच्चे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. दौलत पटेल ने बताया कि इनमें हाल ही में बेटमा के कोई मरीज नहीं हैं। उनमें अभी ठण्ड लगने व बुखार के लक्षण हैं। वहां मरीजों के सैंपल लिए गए हैं जिनकी रिपोर्ट अभी नहीं मिली है।

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