नए युग का सूत्रपात, अयोध्या से रामराज्य की स्थापना की ओर बढ़े कदम

नए युग का सूत्रपात, अयोध्या से रामराज्य की स्थापना की ओर बढ़े कदम।
[ ] राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहाँ विश्राम- प्रधानमंत्री मोदी
[ ] 135 करोड़ भारतवासियों का संकल्प पूरा हो रहा है- योगी
[ ] यह आनंद का क्षण है बहुत प्रकार से आनंद है- मोहन भागवत
[ ] एक तरफ योगी एक तरफ मोदी अब तो मंदिर बनेगा ही- नृत्यगोपालदास
अद्भुत, अकल्पनीय, अविश्वसनीय, अनिर्वचनीय, अभूतपूर्व आदि-इत्यादि, रामनगरी में श्रीराम जन्मभूमि पूजन महोत्सव का साक्षी बने प्रत्येक रामभक्त के हृदय में उमड़ रहे भावनाओं के ज्वार को व्यक्त करने में आज हर विशेषण असमर्थ है। शब्द चुक गए हैं, वाणी मौन है, जिह्वा थकित है। आंखें से आनन्दाश्रु बह रहे हैं, अनंतकाल की चिर अभिलाषा पूर्ण होने की सुखदायी, अनंत वरप्रदायिनी शुभ घड़ी अंततः आज आ ही गई जब जननायक, युगप्रबोधक, जगदाधार, जनार्दन,पुण्डरीकाक्ष, मर्यादा पुरुषोत्तम, सत्य सनातन श्रीराम के भव्य-दिव्य मन्दिर की आधारशिला विधि-विधान से पूजन अर्चन के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी गई।
भूमि पूजन के पश्चात कार्यक्रम स्थल से अपने संबोधन का आरंभ जय सियाराम के उदघोष के साथ करके प्रधानमंत्री ने तथाकथित, स्वघोषित सेक्युलरिज्म के ठेकेदारों पर करारा प्रहार करते हुए अपरोक्ष रूप से घोषणा कर दी कि तुष्टीकरण उनके एजेंडे में न कभी था न होगा।

अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने रामचरितमानस के दोहे की एक लाइन ” राम काज कीन्हे बिनु, मोहि कहाँ विश्राम” को उद्धृत करते हुए की। प्रधानमंत्री ने कहा कि जय सियाराम का यह जयघोष पूरी दुनिया में गूँज रहा है, इसके साथ ही उन्होंने रामचरितमानस की एक और दोहे “भय बिन होय न प्रीत” को उध्दृत किया जो कि श्रीराम की जन्मभूमि से सारी दुनिया को एक स्पष्ट संकेत है कि भारत अब विश्व गुरु बनने की राह पर है और श्रीराम का यह भव्य मंदिर उस शक्तिशाली, वैभवशाली भारत का आस्था का शक्तिपीठ होगा। चीन, पाकिस्तान जैसे दुश्मन देशों को यह अपरोक्ष संदेश है कि भारत की ओर टेढ़ी नज़र से देखने वालों को अपने अस्तित्व के संकट से जूझना पड़ सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि भगवान राम की अद्भुत शक्ति देखिए। इमारतें नष्ट कर दी गईं, अस्तित्व मिटाने का प्रयास भी बहुत हुआ, लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हैं, हमारी संस्कृति का आधार हैं। श्रीराम भारत की मर्यादा हैं, श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। राम हमारे मन में गढ़े हुए हैं, हमारे भीतर घुल-मिल गए हैं। कोई काम करना हो, तो प्रेरणा के लिए हम भगवान राम की ओर ही देखते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि मेरा यहां आना बड़ा स्वाभाविक भी था क्योंकि राम काज कीने बिन मोहि कहां विश्राम। भारत आज भगवान भास्कर के सामने सरयू किनारे एक नया अध्याय रच रहा है। आज श्रीराम का यह जयघोष सिर्फ सिया-राम की धरती में ही नहीं सुनाई दे रहा, इसकी गूंज पूरे विश्व में है। सभी देशवासियों को, विश्व में फैले करोड़ों राम भक्तों को आज के इस सुअवसर पर कोटि-कोटि बधाई। उन्होंने कहा कि यहां आने से पहले, मैंने हनुमानगढ़ी का दर्शन किया। राम के सब काम हनुमान ही तो करते हैं। राम के आदर्शों की कलियुग में रक्षा करने की जिम्मेदारी भी हनुमान जी की ही है। हनुमान जी के आशीर्वाद से श्री राममंदिर भूमिपूजन का ये आयोजन शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा। हमारी शाश्वत आस्था का प्रतीक बनेगा। हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा और ये मंदिर करोड़ों-करोड़ लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा।
इसके पूर्व अयोध्या पहुँचे प्रधानमंत्री की हेलीपैड पर अगवानी के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ पहुँचे। भारतीय पारम्परिक परिधान गोल्डन येलो कलर का कुर्ता और धोती पहने मोदी सीधे हनुमान गढ़ी पहुँचे जहाँ हनुमान जी के दर्शन-पूजन कर श्रीराम जन्मभूमि पर रामलला विराजमान के दर्शनों को पहुँचे, भाव-विभोर मोदी ने प्रभु को दंडवत प्रणाम कर पूजा आरती की, प्रांगण में पारिजात के पौधे का रोपण किया और भूमिपूजन स्थल की ओर प्रस्थान किया। भूमिपूजन ठीक उसी स्थान पर किया गया जहाँ रामलला विराजमान थे। पीएम मोदी ने ठीक 12.44.08 बजे शिला रखी।पूजा के दौरान 9 शिलाओं का अनुष्ठान किया गया, इसके अलावा भगवान राम की कुलदेवी काली माता की भी पूजा की गई।
यह भावनात्मक पल है, पाँच सदी के बाद आज 135 करोड़ भारतवासियों का संकल्प पूरा हो रहा है। देश में लोकतांत्रिक तरीकों के साथ ही मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, इस घड़ी की प्रतीक्षा में कई पीढ़ियां गुजर चुकी हैं।


सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सूझबूझ और प्रयासों के कारण आज संकल्प पूरा हो रहा है हमने तीन साल पहले अयोध्या में दीपोत्सव का कार्यक्रम शुरू किया था आज उसकी सिद्धि हो रही है।


वहीं लोगों को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, ‘आनंद का क्षण है, बहुत प्रकार से आनंद है। एक संकल्प लिया था और उस समय सरसंघ संचालक बालासाहेब देवरस जी ने यह बात याद दिलाई थी कि बहुत लगकर 20-30 वर्ष काम करना पड़ेगा, तब कहीं यह काम होगा। आज 30वें साल के प्रारंभ में हमें संकल्प पूर्ति का आनंद मिल रहा है।’ भागवत ने कहा कि इस काम के लिए जिन लोगों ने बलिदान दिया है वे सूक्ष्म रूप से यहां उपस्थित हैं, भले ही वे प्रत्यक्ष रूप में यहां नहीं आ सकते।


अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने कहा कि मंदिर का निर्माण विश्व का निर्माण है, मंदिर का निर्माण लोक जीवन का निर्माण है। मुझसे कई बार पूछा गया कि राम मंदिर का निर्माण कब होगा? मैंने कहा एक ओर मोदी और एक ओर योगी खड़े हैं। अब मंदिर नहीं बनेगा तो कब बनेगा। अब जल्द ही इसका निर्माण होगा। भक्तों की मनोकामना पूरी होगी। अब विलंब नहीं होना चाहिए। मैं प्रधानमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि जल्द से जल्द मंदिर का निर्माण शुरू हो जाए। यह जनता की इच्छा है शीघ्र अति शीघ्र मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाना चाहिए। हम अपनी आंखों से दिव्य और भव्य मंदिर को देख सकें यही सभी की अभिलाषा है।


सदियों से अधूरा सपना साकार हुआ- लता मंगेशकर
आज अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन का कार्य संपन्न किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर हर आम और खास अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहा है। इस मौके पर बॉलीवुड की मशहूर गायिका लता मंगेशकर ने भी ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लता मंगेशकर ने ट्वीट कर लिखा कि सदियों से देखा गया अधूरा सपना आज पूरा होता दिखाई दे रहा है। स्वर कोकिला ने अपने ट्वीट में लिखा कि आज अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण शुरू हो रहा है जिसकी उन्हें काफी खुशी है। लता मंगेशकर ने ट्वीट में लिखा, ”नमस्कार. कई राजाओं का, कई पीढ़ियों का और समस्त विश्व के राम भक्तों का सदियों से अधूरा सपना आज साकार होता दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित तमाम लोगों की मौजदूगी में हो रहे भूमि पूजन समारोह पर खुशी जाहिर करते हुए लता मंगेशकर ने लिखा, ”आज इस शिलान्यास का बहुत बड़ा आयोजन हो रहा है उसमें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, आरएसएस के सरसंघ चालक माननीय मोहन भागवत जी, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी और राम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास जी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी और कई गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित होंगे। आज भले ही करोना की वजह से लाखों रामभक्त वहां पहुंच नहीं पाएंगे परंतु उनके मन और ध्यान श्रीराम के चरणों में ही होंगे।मुझे ख़ुशी है कि ये समारोह माननीय नरेंद्रभाई के कर कमलों से हो रहा है।आज मैं, मेरा परिवार और पूरा संसार बहुत खुश है और मानो आज हर धड़कन हर सांस कह रही है जय श्रीराम।”

राजीव बिरथरे की रिपोर्ट

1 thought on “नए युग का सूत्रपात, अयोध्या से रामराज्य की स्थापना की ओर बढ़े कदम”

  1. दीपक चढार मातौल

    492 साल पुराना सपना पूरा हुआ
    मोदी जी और योगी आदित्यनाथ जी को कोटि कोटि नमन
    जो भवय राम मंदिर का शिलान्यास में आज संपन्न हुआ
    सभी देशवासियों को बधाई

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