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सिमरिया: तीनों सरकारी अस्पताल हुये चिकित्सक विहीन, जनप्रतिनिधियों की उदासीनता

सिमरिया तहसील के तीनों सरकारी अस्पताल चिकित्सक विहीन

जनप्रतिनिधियों की नाकामी का दंश झेल रही तहसील क्षेत्र की लाखों जनता

सिमरिया/ मोहन्द्रा/हरदुआ खम्हरिया – पन्ना जिले की सिमरिया तहसील अंतर्गत आने वाले तीनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्रमशः सिमरिया, मोहंद्रा व हरदुआ खमरिया डॉक्टर विहीन है। हरदुआ खम्हरिया में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना के बाद से आज तक कभी नियमित डाक्टर नहीं आया तो, मोहन्द्रा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक साल से भी ज्यादा समय से चिकित्सक विहीन है। जबकि तहसील मुख्यालय सिमरिया की सरकारी अस्पताल कुछ माह पहले चिकित्सक विहीन हुई है। डाक्टर न होने से जितनी परेशानी आम जनता को है उतनी ही पुलिस को भी। बड़ा क्षेत्र होने के कारण मारपीट झगडे होना आम बात है। यहाँ पुलिस को एमएलसी के लिए पवई, अमानगंज जाना पड़ता है। पोस्टमार्टम जैसे कार्यों में देरी भी कई बार डाक्टर न होने के कारण होती है। कई बार लाश से दुर्गन्ध तक आने लगती है। जनता व स्थानीय मीडिया द्वारा लगातार ध्यान आकृष्ट कराने के बाद भी डाक्टर की पदस्थापना न होना विधायक व सांसद की संजीदगी को भी दर्शाता है। ये दुर्भाग्य तब है जब यहाँ के सांसद महोदय, मुख्यमंत्री के समकक्ष समझे जाने वाले सत्ताधारी संगठन के मुखिया है। क्षेत्र की लाखों की आबादी आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए सीएचसी पवई या दमोह, पन्ना, कटनी पर निर्भर है। कई बार प्राथमिक उपचार के आभाव में पीड़ित अपनी जान गवां चुके है।

डाक्टरों को आदेश भी किया, नेताओं ने श्रेय भी लिया, पर न डाक्टर मिला न उपचार
जनता, जनप्रतिनिधियों और मीडिया के दबाब में मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी ने कई बार मोहन्द्रा सिमरिया में एक अंतराल के बाद सेवाएं देने कागजी आदेश जारी किया। चंद दिनों की सेवा देने हुए आदेश को विधायक और उनके कार्यकर्ताओं ने एक उपलब्धि के तौर पर खासा प्रचारित भी किया। तो बिपक्षी कांग्रेस कार्यकर्ता भी श्रेय लेने से पीछे नहीं रहे। जबकि डाक्टर नहीं आया। कभी काम की व्यस्तता का बहाना बताकर तो कभी नेताओं का सहारा लेकर। हर बार सीएमएचओ के आदेश को ठेंगा दिखा दिया। इस बार फिर सीएमएचओ साब ने तीन डाक्टर को आदेश किया है। संबाददाता से बात करते हुए सीएमएचओ ने आश्वस्त किया कि आदेश का पालन न करने पर अब बेतन काटी जाएगी।

डाक्टर की गैरमौजूदगी में क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर

सिमरिया तहसील अंतर्गत क्षेत्र की आधे से ज्यादा आबादी गावों में निवास करती है इस कारण अधिकांश आबादी के पास आवागमन की सुविधा भी तत्काल उपलब्ध नहीं हो पाती। गर्भवती महिलाओं का नियमित परीक्षण, टीकाकरण जैसे कार्य भी ठीक तरीके से संचालित नहीं हो रहे। ज्यादातर समय अस्पतालों से नर्सें नदारद ही रहती है।

108 एंबुलेंस का ना होना एक बड़ी समस्या
सिमरिया तहसील क्षेत्र अंतर्गत सैकड़ों गांव आते है परंतु आपातकालीन सेवा हेतु 108 एंबुलेंस यहाँ नहीं है। कई बार मरीजों या दुर्घटना में घायल पीड़ित को समय रहते अस्पताल न पहुँचने के चलते असमय काल कवरित होना पड़ता है।

इनका कहना है
-विधानसभा अंतर्गत आने वाले तीनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर की पदस्थापना के संबंध में मुख्यमंत्री महोदय एवं स्वास्थ्य मंत्री से पत्राचार एवं व्यक्तिगत मिलकर डॉक्टर की पदस्थापना हेतु मांग की गई है। मुख्यमंत्री महोदय ने यथाशीघ्र पदस्थापना के संबंध में आश्वासन भी दिया है- प्रहलाद लोधी, विधायक, पवई

✍️आकाश बहरे

 

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