बरुआसागर: वेतन न मिलने पर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर

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पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि पर लगाये अभद्रता के आरोप

बरुआसागर। शुक्रवार को वेतन न मिलने सहित विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारियों को पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुये भगाये जाने का आरोप लगाते हुए सफाई कर्मचारियों ने अपने काम का बहिष्कार कर दिया जिससे नगर की सफाई व्यवस्था ठप्प हो गई। उत्तर प्रदेश सफाई मजदुर संघ के नगर अध्यक्ष रामस्वरुप करोसिया ने बताया है कि पालिका परिषद में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को विगत दो माह से वेतन नहीं मिला है जिससे वह आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं इसके अलावा नियमित सफाई कर्मचारियों को दीपावली का बोनस, ए सी पी का एरियर भुगतान भी नहीं किया जा रहा है तथा सातवें वेतन मान के क्रम में वेतन वृद्धि कर वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा संविदा सफाई कर्मचारियों के वेतन वृद्धि की धनराशि एवं ई पी एफ मद में की जा रही कटौती की धनराशि का भुगतान भी पालिका प्रशासन द्वारा नहीं किया जा रहा है। सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ने बताया कि जब वह अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्यालय पहुंचे तो अधिशाषी अधिकारी के मौजूद न होने पर पालिका में मौजूद पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि को ज्ञापन देने पहुंचे तो उन्होंने अभद्र व्यवहार करते हुये उन लोगों को वहाँ से भगा दिया इसी के चलते सफाई कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।

इस दौरान कमलेश, विजय, शिवम्, जितेंन्द्र, शेलेन्द्र, राजकुमारी, पुष्पा, रेखा, ज्ञान, संतोषी, महेश प्रसाद, अरविन्द, अंकित, पुरुषोत्तम, रानी , संजीव कुमार, कैलाश, मुकेश, छुट्टन, कुलदीप, रंजीत, रामकुंवर, जयदेवी, राजू, राहुल, समेत तमाम सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। इस सम्बन्ध में पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि ओमी कुशवाहा का कहना है कि सफाई कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार की कोई अभद्रता नहीं की गई है वेतन के संबंध में उन्होंने अधिशाषी अधिकारी को ज्ञापन देने के लिये कहा था फिलहाल पालिका में अभी 27 लाख की धनराशि है जनवरी की राशि शासन से मिलते ही वेतन का भुगतान कर दिया जायेगा। वहीं अधिशाषी अधिकारी से फ़ोन पर सम्पर्क करने पर उन्होंने बताया कि वह लखनऊ आवश्यक बैठक में आई हैं। शासन द्वारा वेतन व अन्य खर्च के मदों में पर्याप्त राशि न भेजे जाने के कारण कर्मचारियों का एक माह का वेतन रोका गया है। पहले केंद्रीय वित्त आयोग के पैसे को राज्य वित्त आयोग के पैसे में समायोजित कर निधि की कमी पूरी कर ली जाती थी। परन्तु अब शासन द्वारा उस पर रोक लगा देने के कारण वेतन आदि भुगतान करने में दिक्कत आ रही है।
बहरहाल सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण नगर की सफाई व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई है जोकि फिलहाल पटरी पर आती नज़र नहीं आ रही है।

✍️राजीव बिरथरे

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