Home Hindi मोहन्द्रा: जलसंकट के निदान को लेकर गंभीर नहीं है जनप्रतिनिधि व अफसर

मोहन्द्रा: जलसंकट के निदान को लेकर गंभीर नहीं है जनप्रतिनिधि व अफसर

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मोहन्द्रा- गर्मियों की शुरुआत से ही कस्बे में जलसंकट गहराने लगा है। पिछले साल हुई कमजोर बारिश के कारण इस बार हालात और भी दयनीय है। गुजरे जमाने में सार्वजनिक निस्तार का प्रमुख स्त्रोत रहे कुयें महीनों पहले से सूखे पड़े है। अब हैंडपंप भी पानी देते समय हांपने लगे है। निजी बोर की हालत भी इससे भिन्न नहीं है। हरदुआ रोड में बनी पानी की टंकी से पेयजल आपूर्ति को बंद हुये एक साल से भी ज्यादा का समय बीत चुका है। इस दौरान जनपद सीईओ, एसडीएम, कलेक्टर, विधायक सभी से मिन्नतें की गई पर कोई नतीजा नहीं निकला। पंचायत का कहना है कि इस ट्यूबबेल में पानी की कमी है। इसलिये बार बार मोटर खराब हो जाती है। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि बोर में क्षमता तीन हार्सपावर मोटर चलने की है और पंचायत बाले पांच हार्सपावर की मोटर से टंकी भरतेे है। टंकी भरने के दौरान मोटर को देखने बाला भी कोई नहीं होता। पंचायत के सचिव की मानें तो बोर से मोटर निकालते बक्त मोटर बोर में गिर गई। जबकि मोहल्ले बाले दबी जुबान कहते है कि पंचायत के कारिदों ने बरिष्ट कार्यालय में पेयजल आभावग्रस्त की टीप लगा मोटर को मिल बांट कर ठिकाने लगा दिया है। अब सही कौन बोल रहा जांच हो तो पता चले। पंचायत और पीएचई का मैदानी अमला कागजों में सब कुछ भला चंगा होने की जानकारी ऊपर भेजकर अपने कर्तब्यों से इतिश्री किये है। लोकसभा चुनाव के पूर्व ग्रामीणों ने पानी नहीं तो वोट नहीं की मुहिम भी छेड़ी, स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा पेयजल संकट की तरफ ध्यान आकृष्ट कराने पर उस समय के प्रत्याशी और वर्तमान में क्षेत्र के सांसद वाडी शर्मा ने मोहंद्रा में आयोजित आमसभा में तत्कालीन कमलनाथ सरकार को आड़े हांथो भी लिया और आश्वासन भी दिया कि जलसंकट के समाधान के लिये पूरा पूरा प्रयास किया जायेगा। अब जब प्रदेश में खुद की सरकार है सांसद महोदय खुद भी प्रदेश संगठन के बाॅस है तब अपने क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित अम्हां बांध से स्वीकृत नहर के निर्माण के लिये बजट नहीं दिला पा रहे। छोटे छोटे गांव को नल जल योजना से जोड़ा जा चुका है मोहंद्रा का नंबर कब आयेगा पूंछने पर नेतागण बंगले झांकते नजर आते है। बहरहाल अप्रैल, मई और जून के महीनों में पानी के लिये खासी जद्दोजहद के साथ ग्रामीणों का समय नेताओं को गरियाते हुये जरूर बीतने बाला है।
क्या कहते है ग्रामीण
कस्बे में स्थित नालों से हर साल इतना बरसाती पानी बह जाता है कि बड़े से भी बड़े बांध को आसानी से भरा जा सके। यहां बांध बना देने से जलसंकट के साथ सिंचाई सुविधा में खासी बढ़ोत्तरी हो जायेगी।
(लक्ष्मण , पूर्व पंच, ग्राम पंचायत मोहंद्रा)
नागौरी महाराज के पास स्थित हाट बाजार के बोर में बहुत पर्याप्त मात्रा में पानी है। अगर यहां पानी की टंकी बनाकर नई पाइप लाइन बिछ जाये तो जलसमस्या को हल किया जा सकता है।
( रामरतन बब्बा जू, पूर्व पंच, ग्राम पंचायत मोहंद्रा)
नालों से हर साल दस-पंद्रह बार बरसाती पानी फालतू बह जाता है इसे रोकने की विस्तृत कार्य योजना बनाई जाये तो मोहंद्रा की पूरी तस्वीर बदल सकती है।
( सीताराम राजपूत, मोहंद्रा )
एक साल से पानी की टंकी बंद है सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की ! जनपद सीईओ अधिकारियों को गुमराह कर शिकायत साॅल्ब करने का प्रयास कर रहे है।
(सत्यम् गुप्ता, युवा ब्यवसायी, मोहंद्रा)

✍️आकाश बहरे

 

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