ललितपुर: पोलियो अभियान की तर्ज पर घर घर खोजे गये टीबी रोगी, मिले 101 नए मरीज़

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टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान के दो चरण पूरे, तीसरा शुरु
ललितपुर। टीबी हारेगा देश जीतेगा के एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान के दो चरण पूरे हो गए है। इसमें 101 नए टीबी मरीज मिले है। इन सभी मरीजों का पंजीकरण कर उनका इलाज शुरू करने का काम शुरु हो गया है। अभियान का बुधवार से तीसरा चरण शुरू हो गया है, जो 25 जनवरी तक चलेगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डा.जे.एस.बक्शी ने बताया कि अभियान के अंतर्गत जनपद की कुल जनसंख्या के 20 प्रतिशत जनसंख्या में पोलियो कार्यक्रम की तर्ज पर घर-घर टीमों के द्वारा सक्रिय क्षय रोगियों को खोजा जाना है। इसके अंतर्गत ऐसे क्षेत्र जो पहुंच से दूर हों, ईंट भट्टे, पत्थर की खदानें, क्रेशर में काम करने वाले इलाकों में टीबी के संक्रमण होने की संभावना ज्यादा होती है। टीबी हारेगा देश जीतेगा अभियान 26 दिसंबर से शुरु हुआ था और यह अभियान 25 जनवरी तक चलेगा। इसमें पहले चरण में 26 दिसंबर से एक जनवरी तक जिला कारागार, वृद्धाश्रम, मदरसा, अंध विद्यालय जैसे स्थानों पर क्षय रोग विभाग की टीम ने अभियान चलाया था। अभियान में जिला कारागार में एक संभावित मरीज मिला था, इसकी जांच होने के बाद उसे टीबी रोग की पुष्टि होने पर उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। इसके बाद 2 जनवरी से 12 जनवरी तक दस दिवसीय डोर टू डोर अभियान चलाया गया। इसमें 101 नए मरीज खोजे गए। सभी मरीजों की जांच कराने के बाद क्षय रोग की पुष्टि होने पर उनका इलाज भी शुरु कर दिया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया इस अभियान के लिए जनपद की कुल लक्षित आबादी 285200 है जिसमें 2 जनवरी से 11 जनवरी 2021 तक 262190 की आबादी को आच्छादित करके टीबी रोग के लिए स्क्रीनिंग की गई। जिसमें 1658 मरीज टीबी के संभावित लक्षणों वाले मिले जिनमें से प्रत्येक मरीज के 2 बलगम की जांचे प्रयोगशालाओं में कराई गईं, जिसमें 101 टीबी के मरीज मिले हैं, इन सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है। साथ ही इन्हें नि क्षय पोषण योजना के अंतर्गत भी लाभान्वित कर दिया गया है।
क्या कहते हैं आंकड़े
शहरी क्षेत्र में 16, महरौनी में 14, तालबेहट में 14, बिरधा में 14, जखौरा में 16, मडावरा में 10 और बार में 17 टीबी के मरीज मिले हैं। जिला कार्यक्रम समन्वयक शिव निरंजन ने बताया कि तीसरा चरण 13 जनवरी यानी बुधवार से शुरु हो गया है। यह अभियान 25 जनवरी तक चलेगा। इस अभियान में प्राइवेट सेक्टर के डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर संचालकों, पैथालॉजी आदि स्थानों पर विभागीय टीम नए मरीजों को खोजने काम करेगी। इसके लिए जिले में नौ टीमें बनाई गई है। जो अलग अलग ब्लाकों में जाकर प्राइवेट सेक्टर के टीबी अभियान से जुड़े लोगों से संपर्क कर उनसे रोगियों के बारे में जानकारी लेंगी और उन्हें विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने का काम करेंगी। उनका निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कर उन्हें पांच सौ रुपये प्रोत्साहन भत्ता दिलाने का काम किया जाएगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि जनपद के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए माइक्रो प्लान बना लिया गया है। संबंधित टीम को भी अलर्ट कर दिया गया। अधिक से अधिक क्षय रोगी खोजकर टीबी हारेगा देश जीतेगा अभियान सफल बनाया जाएगा।

केतन दुबे- ब्यूरो रिपोर्ट
📞9889199324

 

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