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Tag: बुंदेली कविता

प्रदूषण पे कविप्रताप की सुन्दर बुंदेली रचनाएँ (कविता )

प्रदूषण (कवि प्रताप ) ------------- गाड़ी घोड़ा घर-घर चानें, सब घर भर के लानें। मचौ प्रदूषण दुनियां भर में, रोगी डरे दिखानें। आसमान पिट्रोल औ डीजल, खाली करै खजानें। मानत नैंयां शान...

बुंदेली नामों को स्मरण लाती ग़ज़ल

बुंदेली नामों को स्मरण लाती ग़ज़ल साभार सोशल मीडिया मउआ,डुबरी,लटा भूल गए दूद,महेरी,मठाभूल गए कच्चौ आंगन ,पौर उसारौ ठाट ,बडैरी ,अटा भूल गए कोयल पकी डार की अमियाँ बरिया वारे जटा...

प्रदूषण पे बुंदेली कवि प्रताप जी की सुन्दर बुंदेली रचना

प्रदूषण ------------- गाड़ी घोड़ा घर-घर चानें, सब घर भर के लानें। मचौ प्रदूषण दुनियां भर में, रोगी डरे दिखानें। आसमान पिट्रोल औ डीजल, खाली करै खजानें। मानत नैंयां शान के मारे, थोंदें लगे...

बब्बा और पोते (नाती) की मजेदार बुंदेली लोरी

 नाती और बब्बा की  बुन्देलखण्डी लोरी 🤪  बब्बा बब्बा कां गये ते, 🤪 पातर छोड़ हगन गये ते, 🤪 पातर ले गओ कऊआ, 🤪 बब्बा हो गये नऊआ, 🤪...

बुंदेली डिक्शनरी

Excuse me - तन्नक सुनियो what- का कै रऔ why- काये really - सई मे! hey dude- काये रे hey girl- काये री whats up- का हो रओ है? done -...