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रहली(सागर): मौत को दावत दे रहे जानलेवा गड्ढे, जिम्मेदारों को नहीं है सरोकार

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गड्ढे की बजह से काछी पिपरिया के गरीबदास का हुआ एक्सीडेन्ट, घायल को भोपाल किया रिफर

रहली~नगर में सड़कों के किनारे खोदे गए गड्ढे, खुली नाली व लगातार वाहनों के चलने से बने गड्ढों से हादसे का खतरा बढ़ गया है। इन गड्ढों की वजह से कई बार लोग दुर्घटना के शिकार भी हो गए हैं लेकिन इसके बावजूद आज तक गड्ढों को पाटने व नालियों को ढंकने के लिए सुध नहीं ली जा रही है।  रहली के मुख्य मार्ग राम तिगड्डा हनुमान जी की मड़िया के पास सड़क का गड्ढा हादसे को दावत दे रहा है। नगर का सबसे व्यस्ततम मार्ग में दिनभर आवागमन का दबाव रहता है। जबलपुर,देवरी, गौरझामर मार्ग की बसें निकलती है भीड़भाड़ के कारण यहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं है, क्योंकि गड्ढा चौरहे के बीचों बीच है किसी भी तरफ से आने वाले रहगीर को उन खड्डो से होकर गुजरना पड़ता है। कई साल पहले राम तिगड्डा से लेकर सुभाष चौक तक सड़क निमार्ण हुआ था जिसमे बने चेंबर जैसे तैसे कई सालों में बने लेकिन जैसे बने ना बने बात बराबर है क्योकि कुछ दिन पहले बने चेंबर जमीदोष हो गये गई और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे है । शुक्रवार को ग्राम काछी पिपरिया गरीबदास पिता मंजू काछी का गड्ढे से बजह से एक्सीडेन्ट हो गया जिसके बाद वह सागर रिफर किया गया जिसकी हालत को नाजूक बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी पवन श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार सुबह को एक मोटरसाइकिल से एक व्यक्ति जा रहा है जिसका गड्ढे की बजह से वैलेंस बिगड़ गया और एक राहगीर में जाकर टकरा गया और गिर गया जैसे बाइक सवार और राहगीर होने को चोट आई जिसके बाद हम सभी दोनों लोगों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां से उसे सागर पर कर दिया गया और सागर से भोपाल रिफर कर दिया गया है। नन्दकिशोर चौबे ने बताया कि रोजाना गड्ढे की बजह से एक्सीडेन्ट की घटना होती है कई वार इस की शिकायत भी की गई लेकिन कोई सुनवाई नही होती है यहॉ की सारी नालिया चोक हो चुकी जब बारिस होती तो पूरा पानी रोड पर रहता है जिससे गड्ढे नजर नही आते तो राहगीर सीधे गद्दों में गिर कर घयाल हो जाते है कई वार की गई शिकायत पर भी कोई सुनवाई नही होती है।

✍️प्रवीण सोनी

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