Home Hindi मड़ावरा: सड़क हुई गडढों में तब्दील, राहगीरों का निकलना हुआ दुश्वार

मड़ावरा: सड़क हुई गडढों में तब्दील, राहगीरों का निकलना हुआ दुश्वार

212
0
SHARE

*सड़क में गडढे या गडढे में सड़क
*विकास खंड मड़ावरा के पिपरट गांव से नाराहट थाना को जोडऩे वाले संपर्क मार्ग का मामला
मडावरा (ललितपुर)। उत्तर प्रदेश के एक छोटे से जिले ललितपुर की तहसील मड़ावरा में इन दिनों ग्रामीण क्षेत्र की मुख्य सड़कों व संपर्क मार्गों की मरम्मत कर गड्ढा मुक्त करने का सरकारी दावा पहली बारिश में ही बहता नजर आ रहा है। जी हां हम बात कर रहे हैं विकास खंड मड़ावरा के अंतर्गत आने वाले गांव पिपरट से नाराहट थाना को जोडऩे वाले संपर्क मार्ग की जहां बरसात शुरू होते ही खस्ताहाल सड़कों पर जगह-जगह जलभराव और गंदगी होने लगी है। शासन-प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश के बाद पिपरट से नाराहट को जोडऩे वाले संपर्क मार्ग चलने लायक नहीं रह गई है। कई जगह पूरी सड़क ही उखड़ गया है, तो कुछ जगह रोड से गिट्टी बाहर आ गई है। कई सड़कों पर गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश का पानी भरने से वाहन चालक गड्ढे की गहराई का अंदाजा भी नहीं लगा पाते हैं। बारिश के दिनों में तो इन सड़कों से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। खासतौर पर क्षेत्र को जोडऩे वाली सड़कों का तो और भी बुरा हाल है।पिपरट से नाराहट की सड़कों का हाल तो यह है कि चाहे भीतर की रोड हो या मुख्य संपर्क मार्ग किसी में गड्ढे न हों ऐसा तो हो ही नहीं सकता। अब जब बारिश का मौसम है तो इन जर्जर सड़कों का सफर और भी कष्टकारी हो जाता है। ग्रामीणों की मानें तो नाते रिश्तेदारों का आना-जाना बंद हो गया है। सफर करने की सोचकर ही लोगों के पसीने छूट जाते हैं। कुल मिलाकर पिपरट, नाराहट की सड़कों पर चलना जान को खतरे में डालने के बराबर है।
बारिश के मौसम में राहगीरों का निकलना हो जाता है दुश्वार
सड़क की हालत बारिश में इतनी खराब हो चुकी होती है कि दो पहिया, चार पहिया वाहनों से आवागमन करने की बात तो दूर पैदल तक चलना मुश्किल हो गया है। वर्तमान में पिपरट से, जामनी बांध एवं नाराहट थाना को जोडऩे वाले मेन मार्ग की हालत बेहद खराब है। इस पूरे मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने की वजह से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़े बड़े-गड्ढों की वजह से वाहन सड़क पर रेंगते नजर आ रहे है। मार्ग में चलने में न सिर्फ समय अधिक लगता हैं बल्कि पेट्रोल डीजल की खपत भी ज्यादा होती है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस मार्ग का इस्तेमाल अधिकारियों के द्वारा भी किया जाता है। फिर भी मार्ग की ऐसी हालत चिंता का विषय है।

केतन दुबे- ब्यूरो रिपोर्ट
📞9889199324

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here