ललितपुरः सात अप्रैल को है विश्व स्वास्थ्य दिवस

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सही आहार, स्वस्थ जीवन का आधार
कोरोना प्रोटोकॉल का करें पालन
ललितपुर। आज की भाग दौड़ भरी जिन्दगी और बदलती जीवन शैली ने सबसे अधिक युवा पीढ़ी को प्रभावित किया है। फास्ट फूड और दिखावे के लिए शराब और सिगरेट का सहारा लेने वाले युवाओं में हृदय रोग, डायबिटीज, कैंसर और हाइपरटेंशन जैसे गैर संचारी रोग अब 30 साल की उम्र में ही शरीर पर कब्जा जमाने लगे हैं, जबकि यह बीमारियां पहले 40 साल की उम्र के बाद की मानी जाती थीं। इन सब के बीच कोरोना ने फिर से पैर पसारना शुरू कर दिया है इस लहर से बचने के लिए कोरोना प्रोटोकॉल और टीकाकरण ही एक मात्र सहारा है। इन्हीं परिस्थितियों से लोगों को उबारने के लिए ही हर साल विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्थापना दिवस पर सात अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है, जिसका मूल मकसद लोगों को स्वस्थ जीवन प्रदान करने के लिए जरूरी परामर्श के साथ जागरूक भी करना है। हर साल अलग-अलग थीम पर मनाये जाने वाले दिवस की इस बार की थीम है- बिल्डिंग अ फेयरर, हेल्दियर वर्ल्ड (एक निष्पक्ष, स्वस्थ दुनिया का निर्माण)। गैर संचारी रोग के नोडल अधिकारी डा.डी.सी.दोहरे का कहना है कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से भी स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि सही पोषण के साथ ही ध्यान, योग और प्राणायाम को भी जीवन में शामिल किया जाए। शारीरिक श्रम से मुंह मोडऩे का ही नतीजा है कि शरीर बीमारियों का घर बन रहा है। गैर संचारी रोगों से बचने के लिए जरूरी है कि हर रोज कम से कम 45 मिनट तक कड़ी मेहनत व शारीरिक श्रम किया जाए। इससे हृदय रोग और डायबिटीज से शरीर को सुरक्षित बना सकते हैं। इसके अलावा तम्बाकू उत्पादों के सेवन और शराब से नाता तोडऩे में ही सही सेहत के सारे राज छिपे हैं।
स्वस्थ जीवन के लिए है जरूरी
संतुलित आहार लें, फल व सब्जियों की मात्रा बढ़ायें, नियमित व्यायाम से शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखें, तनाव मुक्त रहें, कोई दिक्कत हो तो परिवार से शेयर करें, प्रतिदिन छह से सात घंटे की निद्रा या आराम जरूरी, वजन को संतुलित रखें, दिक्कत महसूस हो तो प्रशिक्षित चिकित्सक से ही संपर्क करें।
स्वस्थ रहना है तो क्या न करें
चीनी व नमक का अधिक इस्तेमाल न करें, तम्बाकू और शराब का सेवन न करें, तले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
वेजिटेवल चाइल्ड बनायें न कि बर्गर चाइल्ड
बाल रोग विशेषज्ञ डा.राजनारायण कहते हैं कोरोना ने रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) की अहमियत को साबित कर दिया है। इसलिए बच्चों की इम्युनिटी पर खास ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि वही देश के भविष्य हैं। बच्चों के खाने में हरी साग-सब्जियों, मौसमी फलों और दालों को अवश्य शामिल करें ताकि वह शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ बन सकें। फास्ड फूड बर्गर-पिज्जा से सिर्फ स्वाद मिलता है न कि रोगों से लडऩे की क्षमता। इसलिए उनको वेजिटेवल चाइल्ड बनाएं न कि बर्गर चाइल्ड। इसके साथ ही मास्क से मुंह व नाक को ढककर ही बाहर निकलें, इससे कोरोना से ही नहीं बल्कि कई अन्य बीमारियों से भी बचे रहेंगे।
कोरोना काल की अच्छी आदतों को अपनाएं रखें
जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डा.देशराज जानकारी देते हुए बताते हैं कि कोविड-19 का संक्रमण पिछले माह से एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है, ऐसे में पिछले एक साल में कोरोना से बचने के लिए अपनायीं गयीं अच्छी आदतों को छोडऩे की भूल कदापि न करें। जब भी घर से बाहर निकलें, मास्क लगाकर निकलें, दूसरे लोगों से हमेशा दो गज की दूरी बनाकर रखें, किसी चीज को छूने के बाद अपने हाथों को सेनेटाइज करते रहें और हवादार जगहों पर ही जाएं। आइए, इस विश्व स्वास्थ्य दिवस पर यह संकल्प लें कि इस महामारी को अपने सम्मिलित प्रयासों से फिर से क़ाबू में लाएंगे। हमारे स्वजन जो इस महामारी की चपेट में हैं, उनसे नियमित रूप से फोन या किसी दूसरे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सम्पर्क बनाए रखिए। ऐसा करना उनके मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
पिछले एक हफ्ते में कोरोना केसेस की स्थिति
दिनांक कोरोना केसेस : 30 मार्च-12, 31 मार्च-18, 1 अप्रैल-29, 2 अप्रैल-30, 3 अप्रैल-54, 4 अप्रैल-56, 5 अप्रैल-89, 6 अप्रैल-79

✍️अमित लखेरा

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