Home Hindi ललितपुरः आशा कार्यकत्रियें घर-घर ढूंढ रईं कोरोना मरीज

ललितपुरः आशा कार्यकत्रियें घर-घर ढूंढ रईं कोरोना मरीज

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1447 लोगों में मिले कोरोना समान लक्षण
अभियान में 50 लोग पाए गये कोविड पॉजिटिव
ललितपुर। कोरोना संक्रमण को काबू में करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में 5 मई से 9 मई तक घर घर कोरोना संभावित मरीजों की खोज करी गई। जिनमें आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की टीम द्वारा 149131 घरों का गृह भ्रमण किया और 1447 लोग मिले जिनमें कोरोना के लक्षण मिले। डीसीपीएम गणेश ने बताया कि यह अभियान पल्स पोलियो कि तर्ज पर चलाया गया था। इस दौरान टीम ने मेडिकल किट भी वितरित किये। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए आशा और आंगनवाड़ी कि 940 टीमें लगी हुई थीं। टीम द्वारा 149131 घरों का भ्रमण किया गया, जिनमें से 1447 लोग कोरोना लक्षण वाले मिले। इस दौरान आशाओं द्वारा लोगों को कोरोना वैक्सीन के बारे में भी जागरूक किया गया और कोरोना प्रोटोकॉल कि मास्क लगाना, उचित दूरी और नियमित अन्तराल पर हाथ धोना के बारे में भी बताया गया। इस दौरान 1015 लोगों ने वैक्सीन कि प्रथम डोज ली थी और सिर्फ 251 लोगों ने ही वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाया था। सर्वे के दौरान 914 बुखार, 455 सर्दी और जुखाम, 20 साँस लेने में दिक्कत, 47 बुखार के साथ दस्त और 12 ऐसे लोग चिन्हित किये गए जिन्हें बुखार के साथ स्वाद और गंध का पता नहीं चल रहा था। इस दौरान टीम ने 1445 मेडिकल किट वितरित किया, इस किट में (पेरासिटामोल, इवेर्मेक्टिन, डॉकसी, जिनकोविट, अजिस्थ्रल, लिम्सी, डोलो) और मास्क एवं सेनेटाइजर भी वितरित किये गए। इस दौरान टीम ने लक्षण वाले मरीजों का एंटीजेन टेस्ट किया जिसमे 50 लोग पॉजिटिव पाए गये, जिनको तुरंत उपचार मुहैया कराया गया। डीसीपीएम ने बताया कि अक्सर ग्रामीण स्तर पर लोग कोरोना कि जांच नहीं कराते है या उसके लक्षण को नजर अंदाज कर देते हैं। जरूरी है कि संक्रमण के लक्ष्ण को सही समय पर पहचान करके उसका उचित इलाज शुरू करदें। देर करने पर संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है और मरीज कि जान पर बन आती है। उन्होंने बताया कि लोग अब भी कोरोना कि वैक्सीन को लेकर भ्रम कि स्थिति में जबकि यह संक्रमण से बचाव में अहम हथियार है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन कि प्रथम डोज काफी नहीं है, सम्पूर्ण बचाव के लिए वैक्सीन कि दोनों डोज लगवाना आवशयक है। तभी कोरोना से बचाव संभव है।

✍️अमित लखेरा

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