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ललितपुर: वीकेण्ड लॉकडाउन के बाद फिर भीड़ सड़कों पर

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जमकर उड़ाई जा रहीं सोशल डिस्टेंश की धज्जियां
ललितपुर। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को देखते हुये उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी किये गये वीकेण्ड लॉकडाउन के सोमवार को खुलते ही सैकड़ों की संख्या में भीड़ सड़कों पर उतर आयी। शहर में सुबह 11 बजे के बाद तो ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो कोई संक्रमण का नाम तक नहीं है। जितने लोग खरीददारी में मशगूल थे, तो उतने ही दुकानदार उन्हें सामान बेचने में। ग्राहक हो या फिर दुकानदार दोनों ने ही मास्क की अनिवार्यता और दो गज की दूरी की गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाकर रख दी। दो दिन के वीकेण्ड लॉकडाउन ने थोड़े ही सही लेकिन सकारात्मक परिणाम दिये, लेकिन जिस प्रकार से बाजार में लोगों की भीड़ लापरवाह तरीके से उमड़ी थी, उसे देखकर कोरोना संक्रमितों की संख्या विस्फोटक तरीके से बढऩे से इंकार नहीं किया जा सकता है।
गौरतलब है कि 21 से 30 अप्रैल से सहालग का दौर भी शुरू हो चला है। ऐसे में जिन युवक-युवतियों के वैवाहिक कार्यक्रम तिथि अनुसार तय किये गये हैं, उनके वैवाहिक तैयारियों के लिए लोगों का हुजूम एकदम से बाजार में उमड़ पड़ा। हालांकि मंद पड़े बाजार भले ही चल उठे, लेकिन इस बीच कोरोना महामारी की बढ़ती भयावहता को देखते हुये मास्क की अनिवार्यता और सोशल डिस्टेंशन की महती आवश्यकता थी। शहर में उमड़ी भीड़ का फोटो जैसे ही सोशल मीडिया के मंच पर वायरल हुयी, तो हर कोई भीड़ बने लोगों को कोसते हुये ही देखे गये। तो वहीं दूसरी ओर दुकानदारों द्वारा भी सोशल डिस्टेंश के लिए न तो दुकान के बाहर लोगों को खड़ा करने के लिए गोले बनाये गये और न ही सेनेटाइजेशन की पर्याप्त व्यवस्था की गयी। जिससे लापरवाही दुकान पर आने वाले ग्राहकों की और दुकानदारों की दोनों ही करते नजर आये। वहीं बात करें शहर के सबसे व्यस्ततम बाजार घण्टाघर से वीर सावरकर चौक तक की तो फोटो में प्रदर्शित भीड़ के बाद हालात बेकाबू कब हो जायें, यह कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में प्रशासन या पुलिस के अधिकारी कर्मचारी भी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दिखाई नहीं पड़े। हालांकि कुछ व्यापारिक संगठनों ने स्वत: लॉकडाउन करने और मास्क की अनिवार्यता के साथ दो गज की दूरी का अनुपालन करने का आह्वान सोशल मीडिया के जरिए सभी व्यापारियों से किया था, लेकिन सहालग के इस दौर में कई व्यापारी नेताओं की दुकानें भी खुली नजर आयीं। ऐसे में हम कैसे खुद को कोरोना महामारी से दूर रख सकते हैं, यह एक चिन्ता का विषय है।

✍️अमित लखेरा

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