Home Hindi ललितपुरः सामाजिक लोकतंत्र के जनक थे छत्रपति साहूजी महाराज- इंजी.दीपक अहिरवार

ललितपुरः सामाजिक लोकतंत्र के जनक थे छत्रपति साहूजी महाराज- इंजी.दीपक अहिरवार

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बसपा कार्यालय पर मनाई गई छत्रपति शाहू महाराज की जयंती
ललितपुर। बहुजन समाज पार्टी कार्यालय पर छत्रपति साहूजी महाराज की जयन्ती बड़े ही धूमधाम से मनाई गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता बसपा जिलाध्यक्ष इंजी.दीपक कुमार अहिरवार ने की। इस दौरान वक्ताओं ने छत्रपति साहू जी महाराज की वीरगाथाओं पर प्रकाश डालते हुये उन्हें सामाजिक लोकतंत्र के जनक बताया।
बसपा जिलाध्यक्ष इंजी.दीपक कुमार अहिरवार ने कहा कि छत्रपति साहूजी महाराज मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज के पौत्र और सम्भाजी महाराज के बेटे थे। ये छत्रपति शाहु महाराज के नाम से भी जाने जाते हैं। छत्रपति शाहूजी महाराज का जन्म 1682 में हुआ था। उनके बचपन का नाम यशवंतराव था। जब शाहूजी महाराज बालावस्था में थे तभी उनकी माता राधाबाई का निधन तब हो गया। उनके पिता का नाम श्रीमान जयसिंह राव अप्पा साहिब घटगे था। कोलहापुर के राजा शिवजी चतुर्थ की हत्या के पश्चात उनकी विधवा आनन्दीबाई ने उन्हें गोद ले लिया। शाहूजी महाराज को अल्पायु में ही कोल्हापुर की राजगद्दी का उतरदायित्व वहन करना पड़ा। वर्ण-विधान के अनुसार शहूजी शूद्र थे। वे बचपन से ही शिक्षा व कौशल में निपुर्ण थे। शिक्षा प्राप्ति के पश्चात् उन्होने भारत भ्रमण किया। यद्यपि वे कोल्हापुर के महाराज थे परन्तु इसके बावजूद उन्हें भी भारत भ्रमण के दौरान जातिवाद के विष को पीना पड़ा। नासिक, काशी व प्रयाग सभी स्थानों पर उन्हें रूढ़ीवादी ढोंगी ब्राम्हणो का सामना करना करना पड़ा। वे शाहूजी महाराज को कर्मकांड के लिए विवश करना चाहते थे परंतु शाहूजी ने इंकार कर दिया। अन्य वक्ताओं ने कहा कि यद्यपि शाहूजी एक राजा थे परन्तु उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन एक समाजसेवक के रूप में व्यतीत किया। समाज के दबे-कुचले वर्ग के उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएँ प्रारम्भ की। उन्होंने देवदासी प्रथा, सती प्रथा, बंधुआ मजदूर प्रथा को समाप्त किया। विधवा विवाह को मान्यता प्रदान की और नारी शिक्षा को महत्वपूर्ण मानते हुए शिक्षा का भार सरकार पर डाला। मन्दिरो, नदियों, सार्वजानिक स्थानों को सबके लिए समान रूप से खोल दिया गया। शाहूजी महाराज ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर को उनके अध्ययन व सामाजिक कार्याे के लिए कई बार आर्थिक मदद की। शाहूजी महाराज के क्रांतिकारी कार्याे के प्रशंसा करते हुए डॉ भीमराव अम्बेडकर ने कहा था की वह सामाजिक लोकतंत्र के जनक हैं। इस दौरान मुख्य सेक्टर प्रभारी कैलाश नारायण कुशवाहा, सेक्टर प्रभारी हरीशंकर बंटी, जिला सचिव चन्द्रभान सिंह बेसरा, जिला संयोजक बीव्हीएफ तुलसीराम अहिरवार, विधानसभा अध्यक्ष धर्मेंद्र अहिरवार, जिला सचिव राकेश कुशवाहा, पूर्व उपाध्यक्ष रहीश राजपूत, नगराध्यक्ष सुनील साहू, नगर उपा.संजय चौधरी, दीपक सुमन, रामसिंह, राहुल, रामेश्वर पाल, मीना अहिरवार, शालिनी सिंह, मनोज पाण्डे, रामगोपाल झां, प्रमोद तिवारी, सुनील अहिरवार, पत्रकार पं.प्रबोध तिवारी, घासीराम अहिरवार, करतार अहिरवार आदि मौजूद रहे।

✍️अमित लखेरा
📞 09918289859

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