ललितपुर: आधा दर्जन गांवों में समाजवादी पार्टी ने किया किसान चौपाल का आयोजन

208
0
SHARE

उद्योगपतियों के मनमाफिक किसानों को करनी होगी खेती, कृषि बिल पारित कर किसानों को गुलाम बनाना चाहती है सरकार : तिलक यादव
ललितपुर। केन्द्र सरकार द्वारा संसद में तीन कृषि बिल पारित किये गये हैं, जिनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया, तो वहीं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत भण्डारण के तय क्षमता के प्रावधान को हटा लिया दिया गया है, जिससे पूरे देश में खाद्यान्न वस्तुओं के दाम अभी से आसमान छूने को बेताब हैं। कृषि बिलों को वापस लिये जाने की मांग को लेकर देश भर का किसान आंदोलनरत हैं। किसानों के आंदोलन को समर्थन देते हुये सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर पूरे प्रदेश में केन्द्र सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के निर्देश पर पर समाजवादी पार्टी द्वारा जनपद भर में किसान चौपालों का आयोजन करते हुये किसानों को जागरूक कर रही है। इसी क्रम में सोमवार को ग्राम बिलाटा, ककड़ारी, पुराधनकुआ, मौगान, गंगासागर व चकोरा में गोल चौपाल का आयोजन किया गया।
चौपाल को संबोधित करते हुये सपा जिलाध्यक्ष तिलक यादव एड. ने कहा कि कृषि कानूनों के लागू होने से किसानों को उसकी उपज का सही दाम नहीं मिल सकेगा। प्राईवेट सेक्टर एकजुट होकर किसान की उपज का मूल्य तय करेंगी। इसके अलावा उद्योगपतियों को किसी भी आवश्यक वस्तु का कितना भी भण्डारण करने की खुली छूट प्रदान की गयी है, जिससे उद्योगपति खाद्यान्न के अलावा दैनिक उपयोग में आने वाली प्रत्येक वस्तु का भण्डारण कर मनमाने दामों पर उसे बेचेगा। इसके अलावा किसान अपने ही खेतों में अपनी मनमाफिक फसलों के बीज, खाद नहीं डाल पायेगा। उद्योगपतियों के दिये निर्देश अनुसार ही खेतों में बीज व खाद डाली जायेगी, उसके अनुसार ही खेतों में पानी दिया जायेगा, फिर चाहे बीज या खाद की कीमत कुछ भी हो। जिससे किसान की आर्थिक स्थिति खराब हो जायेगी और किसान अपने खेतों से बेदखल हो जायेगा। इसलिए वर्तमान समय में किसान कृषि बिल का विरोध करते हुये अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों। उन्होंने किसानों से कहा कि उनके आंदोलन में समाजवादी पार्टी उनके साथ है और देश के किसानों के खिलाफ पारित किये गये किसान विरोधी बिल का खुलकर विरोध करती है। उन्होंने देश के महामहिम राष्ट्रपति से कृषि के तीनों बिलों को तत्काल वापस लिये जाने की मांग उठायी। इस दौरान पूर्व विधायक फेरनलाल अहिरवार, दशरथ सिंह लंबरदार, रमेश सिंह यादव, अमर सिंह भैरा, जितेंद्र सिंह, करतार सिंह प्रधान, शेरसिंह टोढ़ी, जाहर सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, अनुराग परोंदा, मनभावन सिंह, रघुवीरसिंह, फूलसिंह, गजराज सिंह पूर्व प्रधान, रमनसिंह, कन्हैयालाल सहरिया, खुशीलाल पूर्व प्रधान, महेंद्र सिंह यादव, मानसिंह, मनोज, सतेंद्र पाल, अखिलेश अहिरवार, हरविंद अहिरवार, मनोहर झां, जीवन वंशकार, देशभक्त प्रजापति, तुली सहरिया, रामकुमार सहरिया, इमरत सिंह, सिद्धांत सिंह, विजय सिंह, सोबरन सिंह, सत्येंद्र सिंह, पुष्पेंद्र कैलगुवां, मानवेंद्र राजपूत, खेमचंद राजपूत, अमृतलाल, मान सिंह, रामपाल माते, सुकलाल, पप्पू अहिरवार, कपूरे, घनश्याम, लखनलाल, मलखान सिंह, धनीराम, बहोरे, रितेश राजाराम, धनीराम, गोकुल शिक्षक, भैयालाल, महेश, विनोद, आनंदी रैकवार, मुकेश आदि मौजूद रहे।

केतन दुबे- ब्यूरो रिपोर्ट
📞9889199324

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here